
- Pages224
- LanguageHindi
- PublisherHind Yugm
- Publication2023
- ISBN9789392820847
- EditionFirst Edition
Yaar Papa
यार पापा
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यार पापा प्रसिद्ध हिंदी लेखक दिव्य प्रकाश दुबे का एक भावनात्मक और रहस्य से भरपूर उपन्यास है, जो सफलता, रिश्तों, विश्वास और पिता-बेटी के बीच की दूरियों को एक अलग नज़रिए से प्रस्तुत करता है।
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Paperback
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यार पापा: जब दुनिया का सबसे सफल वकील अपनी ज़िंदगी का सबसे कठिन मुकदमा हारने लगता है मनोज साल्वे केवल एक वकील नहीं, बल्कि सफलता और प्रभाव का बड़ा नाम है। अदालत में उसकी दलीलें इतनी मजबूत होती हैं कि बड़े-बड़े वकील उसका सामना करने से पहले कई बार सोचते हैं। मुश्किल और लगभग हारे हुए मुकदमों को जीतना उसकी पहचान बन चुकी है। देश की प्रसिद्ध पत्रिकाओं में उसकी तस्वीरें छप चुकी हैं और राजनीति, व्यापार तथा फ़िल्म जगत की प्रभावशाली हस्तियों के बीच उसका नाम सम्मान से लिया जाता है। लेकिन एक दिन सब कुछ बदल जाता है। एक चौंकाने वाली खबर सामने आती है कि मनोज साल्वे की कानून की डिग्री असली नहीं है। जिस व्यक्ति ने वर्षों तक अदालत में दूसरों का पक्ष मजबूती से रखा, वह अब अपनी ही योग्यता और प्रतिष्ठा पर उठे सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा है। उसके करियर पर संकट मंडरा रहा है। वर्षों से बनाई गई सामाजिक पहचान खतरे में पड़ चुकी है। लेकिन उसकी सबसे बड़ी परेशानी केवल यह विवाद नहीं है — उसकी बेटी साशा उससे बात नहीं करना चाहती। आखिर ऐसा क्या हुआ कि दुनिया की नज़रों में सफल व्यक्ति अपनी ही बेटी के लिए एक बुरा इंसान बन गया? क्या पेशेवर सफलता की दौड़ में मनोज अपने सबसे महत्वपूर्ण रिश्ते को पीछे छोड़ चुका है? कहानी आगे बढ़ने के साथ मनोज की सार्वजनिक छवि और निजी ज़िंदगी के बीच का अंतर सामने आता है। उपन्यास पाठकों को सोचने पर मजबूर करता है कि एक सफल इंसान होना और एक अच्छा पिता होना हमेशा एक जैसी बातें नहीं होतीं। दिव्य प्रकाश दुबे का यह उपन्यास पारिवारिक संबंधों, व्यक्तिगत पहचान, विश्वास और जीवन में दूसरी संभावनाओं जैसे विषयों को एक रोचक कथानक के माध्यम से प्रस्तुत करता है। यार पापा केवल एक सफल वकील के संघर्ष की कहानी नहीं, बल्कि उस पिता की कहानी भी है जिसे अपने सबसे महत्वपूर्ण रिश्ते का विश्वास दोबारा हासिल करना है।

Divya Prakash Dubey · दिव्य प्रकाश दुबे
दिव्य प्रकाश दुबे समकालीन हिंदी लेखन के लोकप्रिय लेखक, कहानीकार और स्टोरीटेलर हैं। हिंदी को नई पीढ़ी के पाठकों तक सहज भाषा में पहुंचाने और ‘नई वाली हिंदी’ को लोकप्रिय पहचान दिलाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पिछले तेरह वर्षों में उन्होंने शर्तें लागू, मसाला चाय, मुसाफ़िर कैफ़े, अक्टूबर जंक्शन, इब्नेबतूती, आको-बाको, यार पापा, टेंशन मत ले यार और ऑलमोस्ट प्यार जैसी किताबें लिखी हैं। उनका चर्चित उपन्यास मुसाफ़िर कैफ़े Netflix सीरीज़ के रूप में भी दर्शकों तक पहुँच चुका है। किताबों के अलावा वे ऑडियो, लाइव स्टोरीटेलिंग और स्क्रीन के लिए भी काम करते हैं — Storybaazi के माध्यम से कहानियाँ सुनाते हैं, Audible पर पिया मिलन चौक, दिल लोकल और दो दुनी प्यार जैसे शो प्रस्तुत किए हैं, और मणिरत्नम की Ponniyin Selvan तथा Kuberaa जैसी फिल्मों के संवाद लेखन में योगदान दिया है। पूर्णकालिक लेखन से पहले वे कॉरपोरेट मार्केटिंग और कंटेंट एडिटिंग से जुड़े रहे; वर्तमान में वे मुंबई में रहते हैं और अपने Writers' Room के माध्यम से नए लेखकों के साथ फिल्म, वेब सीरीज़ और ऑडियो शो विकसित करते हैं।
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- 9789392820847
- Publisher
- Hind Yugm
- Published
- 27 November 2023
- Edition
- First Edition
- Language
- Hindi
- Format
- Paperback
- Print length
- 224 pages
- Dimensions
- 12.9 × 1.5 × 19.8 cm
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