
- Pages128
- LanguageHindi
- PublisherHarsingar Prakashan
- Publication2025
- ISBN9788199707337
- EditionFirst Edition
Ekant Mein Rota Purush
एकांत में रोता पुरुष
Special Price
एकांत में रोता पुरुष — प्रियेश मालवीय का हिंदी कविता-संग्रह, जो पुरुषों की अनकही भावनाओं, अकेलेपन, मानसिक संघर्ष और समाज की अपेक्षाओं के बीच दबे संवेदनशील मन को साहित्यिक अभिव्यक्ति देता है।
Inclusive of all taxes
This book is part of our Poetry & Shayari collectionSelect Format
Paperback
₹199
Check delivery at your PIN code
- Free DeliveryOn all orders
- Secure Payments100% safe checkout
- Easy Returns7-day return policy
- Cash on Delivery+₹20 COD charge
‘एकांत में रोता पुरुष’ लेखक प्रियेश मालवीय का हिंदी कविता-संग्रह है, जो पुरुषों की भावनात्मक संवेदनशीलता और अकेलेपन को केंद्र में रखता है। समाज में पुरुषों से अक्सर मजबूत, आत्मनिर्भर और भावनाओं पर नियंत्रण रखने की अपेक्षा की जाती है। इस सामाजिक सोच के बीच उनकी उदासी, असुरक्षा, मानसिक थकान और भावनात्मक संघर्ष कई बार अनकहे रह जाते हैं। पुस्तक का शीर्षक भी उसी स्थिति की ओर संकेत करता है, जहाँ व्यक्ति अपने दुख को दूसरों से छिपाकर अकेले में व्यक्त करता है। कुछ भावनाएँ ऐसी होती हैं जिन्हें शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं होता — व्यक्ति बाहर से सामान्य दिखाई दे सकता है, लेकिन उसके भीतर अनेक सवाल, स्मृतियाँ और संघर्ष मौजूद हो सकते हैं। एकांत, मौन और भावनात्मक पीड़ा जैसे विषय इस संग्रह की प्रमुख ध्वनि हैं। यह रचना यह विचार सामने रखती है कि संवेदनशील होना किसी व्यक्ति की कमजोरी नहीं है — पुरुषों के जीवन में भी प्रेम, दुख, निराशा और भावनात्मक सहारे की आवश्यकता मौजूद होती है।
Priyesh Malviya · प्रियेश मालवीय
प्रियेश मालवीय हिंदी पुस्तक ‘एकांत में रोता पुरुष’ के लेखक हैं। हरसिंगार प्रकाशन द्वारा प्रकाशित उनकी यह कविता-संग्रह पुरुषों के अकेलेपन, भावनात्मक अनुभवों और समाज की अपेक्षाओं जैसे संवेदनशील विषयों से जुड़ी है।
More books by Priyesh Malviya →- ISBN
- 9788199707337
- Publisher
- Harsingar Prakashan
- Published
- 3 October 2025
- Edition
- First Edition
- Language
- Hindi
- Format
- Paperback
- Print length
- 128 pages
- Dimensions
- 20 × 12.7 × 1.5 cm
Reader Reviews
No ratings yet
Be the first to review this book.




